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भारतीय जनता पार्टी की स्थापना | Bharatiya Janata Party

भारतीय जनता पार्टी


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भारतीय जनता पार्टी का इतिहास :

25 जून 1975 को तात्कालिक पंतप्रधान इंदिरा गांधी जी ने पूरे देश में आणीबाणी घोषित की इस वज़ह को लेकर सभी विरोधी पक्ष के नेताओं को जेल मे डाला गया और इसके बाद जनता के विरोध का सामना करना पड़ा। जनता के विरोध के साथ 21 मार्च 1977 को आणीबाणी को पीछे लिया गया। इस आणीबाणी के दौरान इस आंदोलन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के नेता जय प्रकाश नारायण जी ने किया। भारतीय जन संघ भी उसमें शामिल किया गया। 

1977 की इलेक्शन को विरोधी पार्टियों ने जनता पक्ष के नाम पर इलेक्शन की गई और उसमें उन्होंने इंदिरा गांधी जी को हरा दिया गया। जनता पक्ष सत्ता में आ गया। बाद में जनता पक्ष के अंतर्गत विरोध किया गया। इसके बाद जन संघ नेता जनता पक्ष से बाहर निकल गए। 6 अप्रेल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की गई। 

राज्य घटना लागू होने के बाद 1952 में भारत मे पहली बार सार्वजनिक तौर पर इलेक्शन हो गए। इस इलेक्शन मे कॉंग्रेस ने विजय प्रस्थापित किया। इस पक्ष को 489 सीट मे से 364 जगहों पर विजय प्राप्त की। स्वतंत्र दिलाने के कॉंग्रेस के योगदान को लेकर लोगों ने उन्हें जीता दिया था। विरोधी पक्ष सिर्फ नाम के लिए रह गए थे। इस पहले इलेक्शन मे जनता पार्टी के 3 खासदार जीत गये थे। 1971 के सार्वजानिक निवडणूक मे जनता पार्टी ने 21 जगहों पर विजय प्राप्त की थी। 

लेकिन इसके बाद के 1977 और 1980 के इलेक्शन मे जनता पक्ष के टिकट पर जन संघ ने इलेक्शन की और 1980 बाद वह जन संघ जनता पक्ष से अलग हो गया। उसी साल 6 अप्रेल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हो गई थी। 

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