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Article 370 क्या है और इसे कब हटा दिया गया था?

Article 370

Artical-370-क्या-है-?

Artical 370 की जानकारी :

3 साल पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता मे यह निर्णय लिया गया कि अब जम्मू कश्मीर मे आर्टिकल 370 को किया गया है और उसी दिन से यह बहस चल रही है कि इसकी वज़ह क्या थी। प्रधान मंत्री जी की अध्यक्षता मे जम्मू कश्मीर संशोधन बिल पास किया गया और इसको मंजूरी दे दी गई। यह संविधान संशोधन 103 के तहत किया गया था। अब इसकी वज़ह से नए कानून लागू हो चुके हैं। 

17 ऑक्टोबर 1949 मे यह कानून संविधान शामिल हुआ और यह कानून जम्मू कश्मीर को छूट देता था उसकी अलग पहचान बनाए रखा गया था। यह कानून वहा पर रहने वाले लोगों को विशेष अधिकार प्रधान करता था। राज्य के सहमति के बिना यह पर कोई भी नया कानून लागू नहीं किया जाता था। राज्य का नाम और उसकी विधयक मे कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता था और उसका अलग से संविधान भी किया गया था जो कि अलग से झंडा भी दिया गया था। भारतीय संसद य़ह पर केवल रक्षा, कानून और संचार के मामले ही कुछ बदलाव कर सकती थी इसके अलावा कुछ नहीं कर सकती थी। 

यह कानून अभी लागू होते थे जब कि जम्मू कश्मीर की विधान सभा की मंजूरी हो इसके अलावा यह कानून नहीं पारित किया जा सकता था। 2019 के संविधान संशोधन करके आर्टिकल 370 को हटा दिया गया। 

कश्मीर का भारत मे शामिल होना

यहां पर राजा हरिसिंह का साशन हुआ करता था जब कि वो भारत मे नही जाने की मांग कर रहे थे उसके बाद उन्होंने अलग से जम्मू कश्मीर की पहचान रखने का दावा किया था। राजा हरिसिंह ने 26 अक्तूबर 1947 को भारत मे शामिल होने पर हस्ताक्षर किए और उसके बाद गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंट बेटन ने इसे 27 अक्तूबर 1947 को यह मंजूर किया गया।

Artical 370 कब लागू किया गया?

संशोधन और घटना के बाद मुल मसौदे मे बदलाव किए जाने के बाद जम्मू सरकार ने निर्णय लिया और तबका कानून अनुच्छेद 306 A के साथ अबका 370 अनुच्छेद से 27 मे 1949 को संविधान सभा मे पारित किया गया। 

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