सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Nuclear Power Plant - अणुऊर्जा प्रकल्प का आयुर्मान कितना होता है?

Nuclear Power Plant :

दुनियां में बिजली की ज्यादा खपत औऱ मांग की वजहों से औऱ परम्परागत ऊर्जा स्त्रोत की उपलब्धता की कि ताकत के कारण 1950 के बाद Nuclear Power Plant - अणुऊर्जा प्रकल्प की शुरुआत हो गई। कौनसा प्रकल्प शुरू होने के बाद  कितने दिनोंं तक चलेगा औऱ़़ खतराा कितना है ये पता चाहिए।


Nuclear-Power-Plant
Nuclear Power Plant 

Nuclear Power Plant की आयु :


1) 0 से 10 वर्ष = 67 प्रकल्प -  66,937 मेगावाट बिजली
2) 11 से 20 वर्ष = 29 प्रकल्प -  20,964 मेगावाट बिजली
3) 21 से 30 वर्ष = 46 प्रकल्प - 40,905 मेगावाट बिजली
4) 31 से 40 वर्ष = 155 प्रकल्प -  1,49,638 मेगावाट
5) 41 से 50 वर्ष = 107 प्रकल्प -  88,226 मेगावाट
6)50 वर्ष = 18 प्रकल्प -  10,921 -  मेगावाट बिजली

अणुऊर्जा प्रकल्प साधारण से 20 से 40 वर्ष तक के उद्देश्य से रहने लायक बनाया जाता है। प्रकल्प के लिए पहले लाइसेन्स दिया जाता है। उसके बाद नियमित रूप से जानकारी, सुरक्षा तपासणी, नूतनीकरण देखके इस प्रकल्प का आयुर्मान बढ़ाया जाता है। प्रकल्प का आयुर्मान 60 से 70 वर्ष तक बढ़ाया जाता है। 

422 अणुऊर्जा पूरे विश्व में कार्यरत होंगे इसकी मदद से हमें 3,77,899 मेगावाट बिजली की निर्मिति होती है। बहुतेक प्रकल्प 70 से लेकर 80 के बीच में बनाए गए हैं। अमरिका ने 92 प्रकल्प मे से 88 प्रकल्पों के आयुर्मान 60 वर्षो तक बढ़ाए गए हैं। 


Nuclear-Power-Plant
Nuclear Power Plant 


आयुर्मान बढ़ाना योग्य की अयोग्य : 

सुरक्षा व्यवस्था की विचार के बाद नए प्रकल्प को खडा कराने से पुराने प्रकल्प को नूतनीकरण कराना अछा होता है। कार्बन मुक्त वीजनिर्मिती होने के कारण अणुऊर्जा प्रकल्प पर्यावरण दृष्टि से बहोत अछा सही जा रहा है। 

प्रमुख देशों के अणुऊर्जा प्रकल्प : 

अमेरिका -  92, फ्रांस -  56, चीन -  55, रशिया -  37, भारत -  22, दक्षिण कोरिया -  25, यूक्रेन -  15 

Nuclear Power Plant -  अणुऊर्जा प्रकल्प की जानकारी अछि लगे तो कॉमेंट जरूर करे। 


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारतीय किसान योजनाएं | Indian Farmer Schemes

भारतीय किसान योजनाएं भारतीय किसान योजनाओं के प्रकार :  1. प्रधानमंत्री किसान सन्मान योजना :  इस योजना मे हर साल चार हफ्तों मे किसानों को 6 हजार रुपये दिए जाते हैं अब तक 16 हफ्तों मे किसानों को 29 हजार 640 करोड़ रुपये लाभार्थियों के अकाउंट मे हस्तांतरण किए जा चुके हैं।  2. नमो शेतकरी महासन्मान निधी :  नमो शेतकरी महासन्मान के अंतर्गत अबतक 88 लाख किसानो के कुटुंब को अब तक 5 हजार 333 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।  3. पीक विमा योजना :  1. केवल एक रुपया भरके किसानों को यह बीमा दिया गया है। 2. अब तक 113 लाख हेक्टर क्षेत्र के किसानों को यह लाभ मिल चुका है जो कि 1 करोड़ 71 लाख किसान इस योजना मे शमिल है।  4. महात्मा जोतिराव फुले किसान कर्ज मुक्ती योजना :  यह योजना खास तौर पर महाराष्ट्र मे लाई गई है जो कि किसानो को प्रोत्साहित करने के लिए 14 लाख किसानों का सहभाग मिला। 5 हजार करोड़ से भी ज्यादा रुपए का हस्तांतरण किया गया।  5. किमान आधारभूत किंमत योजना :  धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टर 20 हजार रुपये तक की रकम अब 2 हेक्टर मर्यादा तक कि गई है।  ...

A. P. J. Abdul Kalam की जयंती

A. P. J. Abdul Kalam A. P. J. Abdul Kalam उनकी विशेषता : हर साल 15 ऑक्टोबर को अब्दुल कलाम की जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। सबसे खास बात यह है कि इनकी जयंती हर साल 15 ऑक्टोबर को विश्व छात्र दिवस भी मनाया जाता है। जिसे World Student Day भी कहा जाता है। वह प्रसिद्ध ऐरो स्पेस वैधानिक, शिक्षक और पूर्व राष्ट्रपति के रूप में भी उन्होंने कार्य किया है। इन्हें भारत के मिसाईल मेन कहा जाता है।  A. P. J की जीवनी :  उनका पूरा नाम अबुल पाकिर अब्दुल कलाम था। उनका जन्म 15 ऑक्टोबर 1931 के तामिळनाडू के रामेश्वर हुआ। उनकी विज्ञान और तकनीक में रुचि थी। ISRO के SLV-3 को बनाने में बहोत महत्तवपूर्ण योगदान रहा है। 1999 से 2001 तक वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में भी काम किया है। उसके बाद से 2002 से 2007 तक देश के राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने का मौका मिला। 27 जुलाई 2015 को 83 वर्ष में शिलांग मे उनका निधन हो गया। उन्हें पीपल्स प्रेसिडेंट भी कहा जाता है।  प्रमुख साहित्य :  विंग्स ऑफ फायर ( आत्मकथा )  Ignited mind's : Unshiling Power of India  M...

Marketa Vondrousova : टेनिस की नयी रानी

Marketa Vondrousova इस वर्ष wimbeldon में महिला सिंगल की ट्रॉफी जीती है उसने पूरे विश्व को हैरान कर दिया है। क्यूंकि उसने गतविजेता रेबा किना और जागतिक क्रमवारी में पहले नंबर पर रहने वालीं ईगा सियाटेक को हराया हैं। पर Marketa Vondrousova ने अफलातून खेल कर सबको हैरान कर दिया है। वो पहली महिला है जो कि मानांकन नहीं मिला था। Marketa Vondrousova की बायोग्राफी : Marketa का जन्म 28 जून 1999 मे चेक प्रजासत्ताक मे हुआ था। वो रैंकिंग में पीछे हो के भी उसने टोकियो ओलिंपिक मे रजत पदक जीता है। 2019 में वो फ्रेंच ओपन की अंतिम लढत मे पोहोची थी। वो जिद्दी और संयमी है। उसके रिस्ट पे ऑपरेशन भी हुआ था। उम्र की चौथी वर्ष से वो टेनिस की तैयारी कर रही हैं। उसका पिछले वर्ष ही स्टीफन हाइ मेक के साथ शादी हो गई हैं। Marketa कैसी खेलती है? वो पहले ज्यादा देर तक वो कोर्ट पर टिकती नहीं थी। उसने कठोर परिश्रम किया और अब वो दुनियां की सबसे बड़ी खिलाड़ी हो चुकी हैं। वो अपने कोर्ट को पूरी तरह से इस्तमाल करती है। जिसके वज़ह से उसने आज यह स्थान हासिल किया है।